positive Thinking तनावमुक्त ज़िन्दगी के लिए सकरात्मक सोच का होना बेहद ज़रूरी

सकरात्मक  सोच  की  कुंजी 

positive Thinking 

खुशहाल  और तनावमुक्त ज़िन्दगी के लिए सकरात्मक सोच का होना बेहद ज़रूरी है देखा गया है कि हर कामयाब इंसान के पीछे उसकी मेहनत के साथ साथ सकरात्मक सोच का भी बहुत बड़ा योगदान होता है क्योंकि चाहे कोई कितना ही समझदार, कितना ही ताकतवर क्यों  हो  क्यों  हो पहली  बार में पहाड़ नहीं  चढ़  सकताअपने ख्वाबों के आसमान को नहीं छु सकता इसलिए हर इंसान को हार का मुँह तो देखना ही पड़ता है और तब हमारी सकरात्मक सोच ही हमें फिरखड़े होने और कोशिश करने के लिए प्रेरित करती है !          
कुछ लोग प्राकृतिक ही सकरात्मक होते है,पर सब नहीं,लेकिन अगर कोशिश की जाये तो कोई भी सकरात्मक सोच को अपना कर अपना जीवन सकरात्मक बना  सकता है ! बस  कुछ आसान सी बातों पर अमल करके;

1. ध्यान लगाएं 


 ध्यान लगाने से  सिर्फ व्यक्ति तनावमुक्त रहता है बल्कि ध्यान सकरात्मकता की तरफ भी ले जाता हैइसलिए ध्यान लगाएं , अपने मन औरविचारों को शांत करें क्योंकि चलते पानी में  कभी साफ़ तस्वीर नहीं दिखती उसी तरह अशांत मन में  भी कभी सही दिशा नहीं दिखती ! सहीदिशा का चयन करने के लिए मन का शांत होना उतना ही ज़रूरी है जितना साफ़ तस्वीर देखने के लिए पानी का स्थिर होना ! इसलिए ध्यानअपनाएं !

2. कल्पनाओं को पंख दें   

                                                                     
  खाली समय में  टी.वीफोन या कम्पयुटर के साथ वक्त बिताने की बजाए मोटिवेशनल  किताबें पढ़ेंये आपकी कल्पनाओं के किये ईंधनसाबित होंगीयाद रखिये सिर्फ आप ही हैं जो अपनी कल्पनाओं को सच कर सकते हैं इसलिए अपनी कल्पना शक्ति को पहचाने और उस पर काम करें, इससे  सिर्फ आप एक आम से दिखने वाले दिन में भी जादुई परिवर्तन ला सकेंगे बल्कि अपनी सोच में भी परिवर्तन ला पाएंगें !

3. लक्ष्य पहचानें 

जीवन में कोई लक्ष्य होना बेहद ज़रूरी हैहमारा लक्ष्य ही हमें सही रास्ता चुनने में मदद करता है क्योंकि   किसी भी रास्ते पर चलकर कहीं  पहुँचना सिर्फ व्यर्थ में समय गवाना हैं और ये हमारे आत्मविश्वास के   लिए भी नुकसानदायक  साबित होता है और आत्मविश्वास में कमी हमें नकरात्मकता की ओर लेजाती है,  दूसरी तरफ अपना लक्ष्य चुन कर सही दिशा में काम करने से कामयाबी भी मिलती है और हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ता है  जो कि जीवन में सकरात्मकता लाने के लिये बेहद ज़रूरी है !

4. अपने साथ भी समय बिताएं 


 कोशिश करिए कि हर रोज़ 20 से 25  मिनट अकेले खुद के साथ बिताएंइससे आपको खुद को पहचानने में मदद होगी ! इससे  सिर्फ आप अपनी कमियों को पहचान कर उन्हें दूर कर पाएगें बल्कि अपनी खुबियों को और  बेहतर कर पाएंगेइसलिए खुद के लिए समय निकलना भी बहुत ज़रूरी है ! इसलिए अपने साथ सिर्फ़ समय  बिताएं नहीं बल्कि खुद के साथ समय का आनंद भी उठाएं। 

 ये कुछ ऐसे आसान से तरीके है जिन्हें अपनाकर हम अपने जीवन में सकरात्मकता ला सकते हैं ! याद रखिये बदलाव जीवन में  लाना हो,  सोचमें लाना हो या दुनिया में लाना हो,  शुरुआत हमेंशा खुद से ही करनी होगी ! 

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