10 Simple Ways to Increase Your Brain Power in Childrens



बच्चों में ब्रेन-पावर बढ़ाने के10 आसान  तरीके  

 [भाग -1 ] 




बच्चों को हर देश का, परिवार काआने वाले नए समाज का भविष्य माना जाता है और यह सच भी है।  बच्चे आने वाले कल की तस्वीर होते हैं लेकिन अफ़सोस की बात है कि आजकल के बच्चों पर प्रेशर इतना बढ़ गया है कि भारी-भरकम किताबों के बोझ तले वक्त से पहले ही इनकी कमर झुक गई है और हौसले हार गए हैं।  नम्बरों का , ग्रेड्स का बहुत इस कदर इनके पिछे लगा रहता है की क्वालिटी स्टडीज़ कहते किसे हैं माता-पिता तो भूल ही चुके हैं और बच्चे तो जानते ही नहीं। 
 एक ज़माने में नंबरों से ज़्यादा पढ़ाई की क्वालिटी पर ध्यान दिया जाता था और आजकल नंबरों की दौड़ इस कदर बढ़ गई है कि क्वालिटी तो कहीं बहुत पिछे छूट गई है। .... मेरा ये सब कहने का ये मतलब बिलकुल नहीं है कि पढ़ाई को अहमियत नहीं देना  चाहिएक्योंकि बच्चों के मानसिक विकास के लिए पढ़ाई बहुत ज़रूरी है.... लेकिन सोचने की बात ये है कि सिर्फ ज़्यादा नंबरों के लिए , ग्रेडस के लिए रटी हुई पढ़ाई बच्चों का कौन सा  विकास करेगी....इसलिए चीज़ों को रटने से ज़्यादा ज़रूरी होता है कॉन्सेप्ट को सही ढंग से समझना। 

आज कल के माहौल में जिस हद तक कॉम्पिटिशन बढ़ गया है उसमें नंबरों को ज़्यादा महत्वता दी जाती है इसलिए हम चाह कर भी इस कॉम्पिटिशन से बाहर नहीं रह सकते.......लेकिन एक काम हम ज़रूर  कर सकते हैं....बच्चों को सही गाइडिएन्स में पढ़ना और रटे रटाऐ  ज्ञान से ज़्यादा उन्हें क्वालिटी स्टडीज़ के लिए प्रेरित करना , इससे बच्चों के मन , ब्रेन-पावर तो बढ़ेगी ही साथ ही  साथ वो परीक्षाओं मैं बेहतरीन प्रदर्शन भी कर पाएंगे।  तो चलिए आज जानते हैं बच्चों में ब्रेन पावर बढ़ाने के अचूक मंत्र :

 1. स्टडी-प्रेशर 


  अक्सर देखा जाता है कि माता-पिता दूसरे बच्चों की देखा-देखी बच्चों पर पढ़ाई का इतना प्रेशर डाल देते हैं कि " उन्हें परीक्षाओं में प्रथम आना ही है" और ऐसे में माता-पिता के दबाव और परीक्षाओं के परिणामों के डर के चलते बच्चे वो सब कुछ भूल जाते हैं जो वो याद करते हैं और बस इसी डर से कॉन्सेप्ट को समझने की बजाऐ   रटने पर ज़ोर देने लगते हैं और परिणाम-स्वरूप समझ वो कुछ ठीक से  पाते नहीं और रटी हुई चीज़ें भी एग्जाम-प्रेशर के चलते ज़्यादा वक्त तक याद नही रह पाता   
इसलिए पढ़ाई के दौरान बच्चों पर पोज़िशन लाने का , नंबरों  का दबाव बनायें और सकारात्मक ढंग से उनकी पढ़ाई में मदद करें। 

 2. लगातार पढ़ने से बचें 


  लगातार यदि हम कोई काम करते रहें तो शरीर में  थकावट होने लगती है और अगर फिर भी हम काम करते रहें तो धीरे-धीरे हमारे काम की क्वालिटी घटने लगती है..... ऐसा ही हमारे दिमाग के साथ भी होता है , लगातार पढ़ते रहने से  दिमाग के साथ-साथ शरीर भी  थक जाते हैं ऐसी स्थिति में पढ़ाई से ब्रैक लेना बेहद ज़रूरी होता है ताकि पिछली थकावट उतर जाए  और शरीर एवं दिमाग तरोताज़ा हो सके।  इसलिए लगातार पढ़ने से बचें....पढ़ाई का टाइम बांट लें और बीच के समय में बच्चे को कोई और काम करने दें, वॉक पर जाने दें।  इससे बच्चा बेहतर ढंग से ज़्यादा भी पढ़ पायेगा और बेहतर ढंग से समझ भी पायेगा। 

 3. नई चीज़ों से जोड़ें 


 छोटे बच्चों को कोई भी चीज़ याद करवाना बेहद मुश्किल काम होता है , ऐसे में उन्हें चीज़ें याद करवाने का आसान तरीका होता है " पढ़ाई में चीज़ों का एसोसिएशन ", जैसे बच्चों की   पढाई को किसी दूसरी चीज़ से जोड़ कर पढ़ाएं , इससे बच्चा  पढ़ाई को आसानी से याद रख पायेगा साथ ही बेहतर ढंग से समझ भी पायेगा। 

 4. रिवीज़न के तरीके में बदलाव लाऐ  


  ज़्यादातर देखा जाता है की बच्चे याद तो करते हैं पर उससे ज़्यादा समय तक याद रख नहीं पाते इसलिए बच्चे के पढ़ने के ढ़ंग में थोड़ा बदलाव करें और बच्चे को याद करने के बाद लिखने या ज़ोर-ज़िर से बोलकर याद करने को कहें।  इससे चीज़े ज़्यादा अच्छे से याद होने के साथ लम्बे समय के लिए याद भी रहती हैं। 

 5. नोट्स बनाएं 


 नोट्स किसी कहानी की सम्मरी की तरह होते हैं जिनमें कम शब्दों में  चीज़ों को समझाया गया होता है तथा महत्वपूर्ण चीज़ों को याद रखने का एक आसान तरीका भी होते हैं.... पर देखा जाता है कि बच्चे प्रॉपर नोट्स बनाने की बजाए किताब में ही जल्दबाज़ी में लिख लेते हैं जिसके  वजय से सब कुछ इतना मिक्स्ड-अप हो जाता है की ज़रूरत पड़ने पर खुद बच्चे को भी समझ नहीं आता।  इसलिए बच्चों को प्रॉपर नोट्स बनाने के लिए प्रेरित करें साथ ही मदद भी करें। 

ये थे 5 तरीके बच्चों  में ब्रेन-पावर बढ़ाने के बाकि के 5 अगले ब्लॉग में पढ़ें।

1 comment:

  1. It was very useful for me. Keep sharing such ideas in the future as well. This was actually what I was looking for, and I am glad to came here! Thanks for sharing the such information with us.

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