आप अपनी दुनिया खुद बनाते है ।

आप अपनी दुनिया खुद बनाते है ।

 

 

 

 

 

इंसान के मस्तिष्क में मानव जीवन की ज्यादातर  चीजो  का  निर्माण   करने   की  क्षमता  होती है। विचार एक  शक्ति है। जिस पदार्थ में सब कुछ उपस्थित है।  वह  सोचवान  है।   इंसान जिस चीज के बारे  में सोचता है वही चीज पैदा हो  जाती है।  इस संसार में  इंसान के   बनाई द्धारा गई चीजे  जो आप अपने आसपास देखते है वो  विचार किसी  इंसान के दिमाग में आया होगा फिर बाद में वो विचार इस भौतिक संसार में  साकार हुआ। हर इंसान के विचार रचनात्मक है। इंसान के जीवन में हर चीज किसी भी तरह के विचार, उम्मीद , सपने या   इच्छा  के  रूप में शुरू होते  है फिर वो इंसान के साथ होने वाली हर चीज को आकार (शेप) देते  है ।

इंसान की सफलता और  असफलता के बारे में सभी धर्मो का सार यही है जिसके बारे में आप ज्यादा सोचते है वह आप बन जाते है ।

गौतम बुद्धा ने भी यह कहा है।
“मनुष्य का दिमाग ही सब कुछ है, जो वह सोचता है वही वह बनता है।”{ गौतम बुद्ध }

यदि आप एक बार यह मान ले कि विचार भी पदार्थ होते है तो स्वाभाविक है कि आप यह भी मानेगे की किसी पदार्थ को एक स्थान से उठाकर दूसरे स्थान पर रखा जा सकता है। उसकी दिशा भी बदली जा सकती है। ठीक उसी प्रकार विचारो के साथ कर सकते है। आपको जव भी नकारात्मक विचार आते है तो उसके बारे में ज्यादा समय तक आप सोचते रहते है। कभी आपने महसूस किया जब भी सोचते है वाक्यो में सोचते है हमारी सोच के मुताबिक हमारे दिमाग  में वाक्य बनते रहते है। आपको केवल इतना करना होगा की इन नकारात्मक वाक्यो को पूरा नहीं बनने दे। दिमाग जब भी बुरा सोचने लगे बीच में दखल करके कुछ अच्छा सोचने लगे ।

आज आप का जीवन जैसा भी है। सफल या असफल यह आपकी अपनी सोच के कारण है । और आप आज जो भी सोच रहे है अच्छा या बुरा  वो आप का आने वाला कल होगा। दोस्तों मन के ड्राईवर बनो मन को ड्राईवर मत बनने दे जो मन कहे वही करो ऐसा नहीं। आपने यह कहाबत तो सुनी होगी मन के हरे हर है मन के जीते जीत ।

सफल व्यक्ति हमेशा अपनी मनपसंद चीजो को पाने के बारे में सोचते है और असफल व्यक्ति अपनी मजबूरी  और चिंताजनक बात करते है । हमेशा अपनी किस्मत को कोसते है। दोस्तों अपना अच्छा जीवन बनाने के लिए अच्छी सोच के साथ अपना लक्ष्य बनाए और अँधेरे  भरे जीवन में उजाला लाए ।

 

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