पैसे को दोस्त समझें दुश्मन नहीं आकर्षण का नियम

पैसे को दोस्त समझें दुश्मन नहीं

 

 

 

 



रूपये पैसे का हमारी जिंदगी में सभी का लेन – देन चलता है चाहे वह होम लोन , पर्सनल लोन , मोटर साइकिल लोन , कार लोन , क्रेडिट कार्ड लोन हो  ज्यादातर लोग ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाना  चाहते हैं या किसी की जरूरत ज्यादा होती है ।

यह इंसान की अपनी अंदरुनी मान्यताऐं होती है कि :-
पैसा ही बुराई की जड़ है  ।
पैसा बड़ी मेहनत से आता है ।
पैसे वाले लोग बेइमान होते हैं ।
पैसा पेड़ पर नहीं उगता ।

दोस्तों पैसा अच्छा बुरा नहीं होता  और ना ही दोस्त होता है और न ही दुश्मन पैसे को बुरा मान लिया गया है   वास्तव में ऐसा नहीं है पैसे के बिना इंसान की जिंदगी बिखर  जाती है पैसा एक आयल (तेल) की तरह होता है जो हर इंसान की जिंदगी के इंजन को ठीक हालत में रखता है।

दोस्तों आप अपने मन में  रोजाना दोहराऐं कि:-
पैसा बहुत अच्छा है ।
पैसा जरुरी है ।
पैसा ठीक है ।
पैसा दोस्त है ।
आप पैसे के प्रति अपनी भावनाऐं  मान्यताऐं सकारात्मक रखें
आप जो भी व्यापार , नौकरी , सामाजिक सेवा , राजनीति अन्य किसी भी क्षेत्र में कार्य करते हैं  तो आपका नज़रिया पैसे के प्रति पॉजिटिव होना चाहिए ।

पैसे से प्यार करें ना कि नफ़रत आकर्षण  का नियम भी यही कहता है आप जिस चीज़ से प्यार करेंगे वह आपके पास आएगी और नफरत करेंगे तो वह आपसे दूर होगी ।पैसे के कम या ज्यादा  होने से आपके आध्यात्मिक गुणो में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आती ।
आप पैसे  का  लेन – देन  किस प्रकार से करते हैं या पैसे से जो काम करते हैं उनसे आपके जीवन पर असर पड़ सकता है ।

अंत में मैं आपसे कहना चाहूँगा कि पैसे को अपना मित्र ही समझे ।

 

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