चेतन और अवचेतन मन

क्या आपने आइसबर्ग (हिमशैल) देखा है
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हालांकि एक आइसबर्ग हमें पानी पर तैरता हुआ दिखाई देता है, लेकिन इसका एक बहुत बडा़ हिस्सा पानी की सतह के नीचे डूबा रहता है, जो हमें दिखाई नही देता। हमारे मन के दोनों हिस्से भी बिल्कुल इसी तरह स्थित हैं। पानी की सतह से ऊपर तैरती आइसबर्ग की चोटी, चेतन मन का प्रतिनिधत्व करती है, जबकि पानी में डूबा हुआ विशाल हिस्सा, शक्तिशाली अवचेतन मन के समान होता है।
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आमतौर पर यह माना जाता है कि मानव-मन का केवल 10%  हिस्सा चेतन मन होता है, जबकि बाकी 90% हिस्सा अवचेतन मन होता है।
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हमारा मानना है कि, सामान्य जागृत अवस्था के दौरान, चेतन मन काम करता है। यह निणर्य लेने और चुनने (रूचि) का काम करता है। जैसे आप किस पुस्तिका को पढ़ते हैं और प्रेज़न्टेशन (प्रस्तुतीकरण) को सुनते हैं, तो यह आपका चेतन मन है जो सारी जानकारियों को आत्मसात् (ग्रहण) कर रहा है। यह आपको, आपके आसपास की चीजों के बारे मे संजग करता है। यह हमारी पांच इंद्रियों के आधार पर कार्य करता है-दृष्टि, सुनना, स्वाद, स्पर्श और सुगंध; और यह भावनाओं और विचारों के रूप में प्रकट होता है।
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अवचेतन मन नीचे स्थित होता है। यह उस खुफि़या एजेंट की तरह होता है जो सारे काम करता रहता है लेकिन कभी भी दिखाई नहीं देता (सामने नहीं आता) यह हमारे जीवन के सारे अनुभवों के ख़जा़ने के तौर पर काम करता है- हाल ही मे गुज़रे जीवन और अतीत घटनाओं का मेमरि बैंक(यादों का खजाना) अवचेतन मन, चेतन मन की तरह केवल तभी काम नही करता जब हम जागृत अवस्था में होते हैं, बल्कि यह तब भी काम करता रहता है जब हम सो रहे होते है-इसलिए यह कहना सही है कि यह दिन के चौबीसों  घंटो काम करता रहता है। हमें जब भी कोई सूचना मिलती है, तो अवचेतन मन हमारे वर्तमान दुनियावी अनुभूति के आधार पर ही सूचना को स्वीकार या अस्वीकार करता है। ये वर्तमान अनुभूतियां तभी पैदा होनी शुरू हो जाती हैं जब हम शिशु (छोटे बच्चे) थे, और ये पूरे जीवन हमारे रूचियों, आदतों और दृष्टिकोण को प्रभावित करती रहती है ।
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